बवासीर का रामबाण इलाज 2023 इन हिंदी | बवासीर क्या हे | बवासीर का घरेलू नुस्खा | पाइल्स क्या हे | मस्सा क्या हे | बवासीर होने का कारण | बवासीर के लक्षण |

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नमस्कार दर्शको स्वागत हे आपका हमारे हेल्थ से सम्बंधित एक नई पोस्ट में हम आशा करते हे की आपको ये आर्टिकल अच्छा लगेगा | दोस्तों आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम बात करेंगे की बवासीर क्या हे , बवासीर को जड़ से कैसे ख़तम करे और बवासीर होने के लक्षण क्या क्या हे वो कोन कोनसी गलतियाँ हे जिनको करने से आपको बवासीर जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हे | दोस्तों बवासीर को लोग अलग अलग नाम से जानते हे जैसे की कुछ लोग बवासीर को मस्सा बोलते हे वही कुछ लोग इसको पाइल्स भी बोलते हे अंग्रेजी में इसको hemorrhoid बोलते हे | दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दे की बवासीर को अगर आप नकारते हो और शर्म के मारे किसी से उसके बारे में बात नहीं करते हो तो आगे चलकर बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती हे | दोस्तों बवासीर को अगर आप समय पे नियंत्रिण नहीं करते हो तो आपको ओपरेशन तक करवाना पड़ सकता हे अतः हमारी तो यही राय हे की बवासीर बढ़ने से पहले ही आप कुछ घरेलु नुस्के अपनाकर उसको ठीक कर ले और अगर सुधार ना दिखे तो यह जरुरी हे की आप डॉक्टर को अवश्य दिखाए | चलिए दोस्तों बिना समय को व्यर्थ किये आगे बढ़ते हे और ब्लॉग पोस्ट को पढ़ते हे |

विषय सूचि –

  1. बवासीर क्या हे (What is hemorrhoid ) ?
  2. बवासीर के लक्षण (Symptoms of piles ) ?
  3. बवासीर कितने प्रकार की होती हे (Types of piles ) ?
  4. बवासीर का घरेलु उपचार (Home Remedy of piles ) ?

1. बवासीर क्या हे (What is hemorrhoid) –

दोस्तों सबसे पहले बवासीर के बारे में जानते हे की बवासीर क्या हे | दोस्तों बवासीर हमारे लाशय या फिर गुदा (Anus ) के निचले हिस्से पे मौजूद पेनफुल उबरी और सूजी हुयी नसें होती हे | दोस्तों लम्बे समय तक सोचालय में बैठे रहना और मल त्यागने के दौरान जोर लगाने के साथ मल त्यागने में दर्द होना इसका लक्षण हो सकता हे | दोस्तों बवासीर होने वाले व्यक्ति को मुख्य रूप से मल त्यागते समय मलद्वार में दर्द और जलन होती हे | दोस्तों बवासीर के रोगी को मल त्यागने के दौरान मल के साथ रक्त आता हे और जलन भी होता हे | दोस्तों अगर बवासीर का समय पर इलाज ना हो तो हमे सर्जरी करवानी पड़ सकती हे |

2. बवासीर के लक्षण (Symptoms of piles) –

दोस्तों हमने बवासीर के बारे में तो जान लिया की बवासीर होता क्या हे लेकिन अब हम जानेंगे की अगर किसी को बवासीर होता हे तो इस चीज़ का उसे पता कैसे चलेगा यानि सरल शब्दों में कहा जाए तो बवासीर के लक्षणों के बारे में अब हम पढ़ेंगे , आखिर कोन कोन से लक्षण हे जिनकी वजह से बवासीर होता हे या फिर हमे कब सतर्क होना हे | दोस्तों बवासीर के लक्षणों को हम पॉइंट्स के माध्यम से समझेंगे |

  • मलद्वार में गांठे – दोस्तों बवासीर का पहला लक्षण हे मलद्वार यानी हमारे गुद्दे में गांठे होना | दोस्तों बवासीर के रोगी के गूदे में गांठे हो जाती हे जो की दर्द का कारण बन जाती हे | दोस्तों कभी कभी यह समस्या विकराल रूप ले लेती हे और समस्या का एक बहुत बड़ा कारण बन जाती हे क्युकी इस परिस्थिति में जब भी रोगी कही बैठता हे तो उसके गूदे में मौजूद गांठो की वजह से उसे दर्द होता हे |
  • खाज -खुजली उत्पन्न होना – दोस्तों बवासीर के रोगी को गूदे में दर्द के साथ खाज खुजली भी होने लगती हे जो की लगातार चलती रहती हे |
  • मल त्याग में तकलीफ – दोस्तों बवासीर का तीसरा सबसे बड़ा कारण हे सोच करते समय यानि मल त्यागते समय कठिनाई उत्पन्न होना और इसके साथ ही दर्द के साथ मल का त्यागना |
  • दस्तकरी का उत्पन्न होना – दोस्तों इस समस्या को बवासीर की सबसे खतरनाक समस्या माना जाता हे क्युकी इस स्थिति में रोगी को दस्त या मल के साथ रक्त आने की सम्भावना उत्पन्न हो जाती हे जो की बवासीर का सबसे बड़ा लक्षण और कारण हे |
  • संक्रमण का फैलाव – दोस्तों अगर हम बवासीर का समय पर इलाज नहीं करवाते हे और बवासीर के लक्षण दिखने के बाद भी ध्यान नहीं देते तो जायज हे की संक्रमण फैलेगा और संक्रमण अपनी चर्म सीमा पर पहुँच जायेगा |

3. बवासीर कितने प्रकार की होती हे (Types of Piles ) –

दोस्तों हमने बवासीर के शुरुआती लक्षणों के साथ साथ ऊपरी बवासीर की जानकारी ले ली हे , अब हम जानेंगे की बवासीर के प्रकार कितने होते हे |

(1) खुनी बवासीर –

दोस्तों सबसे पहले हम जानते हे की आखिर खुनी बवासीर क्या होता हे | दोस्तों हम खुनी बवासीर क्या होता हे, इसके साथ साथ यह भी जानेंगे की इसके लक्षण क्या क्या हे और इसका इलाज हम कैसे कर सकते हे | दोस्तों खुनी बवासीर में गूदे के बाहरी या आंतरिक नसो में सूजन आ जाती हे | दोस्तों जब भी हम मल त्यागते हे या फिर जब हम बैठते हे तो उन नसों में छिद्रता उत्पन्न हो जाती हे यानि वो नसे फट जाती हे जिसकी वजह से रक्त का स्राव होता हे और रक्त बहता हे | दोस्तों अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा की आखिर इस चीज़ से बचे कैसे तो गबराइये नहीं हम आपको बताते हे की ऐसी परिस्थिति में आपको क्या करना हे |

– खुनी बवासीर से बचने के लिए रखे यह सावधानियाँ –

  • दोस्तों खुनी बवासीर से बचने का हमारा सबसे पहले आसान तरीका हे पानी पिने की मात्रा को बढ़ाना , यानि प्रतिदिन कम से कम आप तीन से चार लीटर पानी पि सकते हो |
  • खुनी बवासीर से बचने का दूसरा तरीका हे की फाइबर से भरपूर भोजन करना चाइये इसमें आप – सेब , सूखे फल , बेरी , गेहू, बाजरा , चावल , दाल इत्यादि फाइबर युक्त भोजन करके आप इसमें सुधार ला सकते हो |
  • दोस्तों अब हम खुनी बवासीर से बचने का सबसे रामबाण इलाज बताते हे जो की आपको अपनाना बेहद जरुरी हे , दोस्तों आपको मल त्यागते समय कभी भी जोर नहीं लगाना हे क्युकी ब्लीडिंग का यह सबसे प्रमुख कारण हे |
  • कभी भी दोस्तों एक स्थान पर लम्बे समय तक बैठे ना रहे यह भी बवासीर का एक कारण हे |
  • दोस्तों सबसे जरुरी बात यह भी हे की अगर आप लगातार exercise करते हे तो आप बवासीर से छुटकारा आसानी से पा सकते हो |

– खुनी बवासीर का उपचार –

  • क्रीम के माध्यम से – दोस्तों सबसे पहला तरीका हे दवाई के माध्यम से दर्द में राहत पाना | दोस्तों जलन वाले स्थान पर क्रीम वाली मालिश करके आप दर्द में आसानी से राहत पा सकते हो | दोस्तों इस क्रीम को ट्रॉपिकल क्रीम कहते हे जिससे खुलजी और जलन जैसे समस्याओ से आप आसानी से राहत पा सकते हो |
  • बेन्डिंग के माधयम से – दोस्तों दूसरे तरीके में पीड़ित ग्रसित व्यक्ति की सूजी हुयी नसों में बेन्डिंग की जाती हे यानि नसों को बैंड द्वारा बांधा जाता हे | दोस्तों इस बैंड से ब्लीडिंग को रोका जाता हे
  • सुई के माध्यम से – दोस्तों हमारा आखिरी उपचार हे सूजी हुयी नसों को इंजेक्शन के माधयम से उसकी सूजन को मिटाया जाता हे |

(2) बादी बवासीर –

दोस्तों हमने जान लिया की खुनी बवासीर क्या होता हे अब हम जानेंगे की बादी बवासीर क्या होता हे और इससे बचने के उपाय क्या हे | दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दे की बादी बवासीर मलाशय से सम्बंधित हे यानी बादी बवासीर में मलाशय में मौजूद नसें फूल जाती हे यानि मलाशय की नसो में सूजन आ जाती हे , दोस्तों सूजन के कारण ये नसें मलाशय से बहार लटकती हे | दोस्तों अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा की बादी बवासीर हुवा हे या नहीं इसका पता कैसे लगाना हे | दोस्तों बादी बवासीर में मुख्यतः रक्त का बहाव होता हे इसके साथ ही खुजली भी होती हे | मल त्यागते समय अत्यंत दर्द होता हे और ब्लड प्रेशर जैसी समस्या भी सामने आती हे |

– बादी बवासीर का उपचार –

दोस्तों बादी बवासीर की समस्या अत्यंत हो तो आपको चिकित्सा की सलाह लेना आवशयक हे इसके साथ ही आप कुछ तरीको को अपनाकर भी इससे राहत पा सकते हो | दोस्तों बादी बवासीर की स्थिति में आपको गेंहू , बाजार , दालें , सेब , बेरी आदि से सम्पूर्ण भोजन करना आवश्यक हे क्युकी इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता हे और फाइबर बवासीर से लड़ने का कार्य करता हे | फाइबर युक्त भोजन बादी और खुनी बवासीर दोनों के लिए कारगर हे | व्यायाम के साथ साथ इसकी गम्भीरता को देखते हुवे डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद आवश्यक हे |

4. बवासीर का घरेलु उपचार –

  • नारियल तेल – दोस्तों नारियल के तेल में कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते हे जो की बवासीर में बहुत ही कारगर साबित होते हे | दोस्तों नारियल के तेल की वजह से बवासीर से होने वाली खुजली , दर्द और इन्फेक्शन से राहत मिलती हे | दोस्तों आपको शुद नारियल तेल का इस्तेमाल करना हे इसके लिए आपको नारियल के तेल को हलकी आंच में गरम करना हे और फिर थोड़ा ठंडा होने के बाद उसको प्रभावित क्षेत्र पर तीन से चार बार लगाना हे |
  • लहसुन – दोस्तों लहसुन का सेवन करने से आप बवासीर में बहुत हद तक सुधार कर सकते हो | दोस्तों लहसुन में कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते हे जो की दर्द निवारक का कार्य करते हे | दोस्तों लहसुन की सहायता से बवासीर की वजह से होने वाले दर्द और सूजन में सहायता मिलती हे | दोस्तों आपको लहसुन की तीन से चार कली को पानी के अंदर उबालना हे और तब तक उबालना हे जब तक की पानी का रंग बदल ना जाये उसके बाद एक सूती कपडे को लेवे और उस कपड़े को उस पानी में दाल कर गिला कर लेवे उसके बाद उस कपडे को प्रभावित क्षेत्र में पंद्रह से बीस मिनट तक लगाए रखना हे |

दोस्तों अगर आपको आज का यह ब्लॉग पोस्ट पसंद आया हो तो अपने दोस्तों को शेयर करना ना भूले एवं अपना प्यार और सहयोग ऐसे ही बनाये रखे हम आगे भी ऐसे आर्टिकल आपके लिए लाते रहेंगे | दोस्तों इस आर्टिकल में आपको अगर किसी भी प्रकार का डाउट हो तो कमेंट करके हमे अवशय बताये धन्यवाद |

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